क्या पहली बार लिंग प्रवेश स्त्री को दर्द या चोट पहुंचा सकता है?

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महिलाएं खुल कर बात नहीं करतीं, लेकिन हर महिला चाहती है कि उसका पहला संभोग जादूई हो। लेकिन हमेशा ऐसा हो, ये संभव नहीं है। कभी कभी कुछ गलती भी हो सकती है।

पहली बार संभोग असुविधाजनक और पीड़ादायक भी हो सकता है, लेकिन ये पूरी तरह सामान्य है। कई महिलाओं को पहली बार लिंग प्रवेश के बाद रक्तस्राव भी हो सकता है, लेकिन ऐसा हर किसी के साथ नहीं होता। लेकिन कई दफे सेक्स के बारे में जानकारी के आभाव के कारण ये पीड़ादायक और असुविधाजनक भी हो सकता है।

आइए जानने की कोशिश करते हैं वो कारण जिनके कारण सेक्स संबंध दर्द या चोट पहुंचा सकता हैः

1. पीड़ा का भय

दर्द से ज्यादा, ये दर्द का डर होता है जो पहली बार सेक्स को असुविधाजनक बना सकता है। पहली बार संभाग के बारे में काफी बढ़ा चढ़ा कर चर्चा होती है जिसके कारण ज्यादातर महिलाएं इसके प्रति अतिरिक्त रूप से चिंतित हो जाती हैं। और यही स्थिति है जब पुरूष साथी को हालात को काबू करने की कोशिश करनी चाहिए। पुरूष को योनि में लिंग प्रवेश करवाने से पहले लंबे समय तक फोरप्ले (कामक्रीड़ा) करनी चाहिए। एक अन्य तरीका है योनि की झिल्ली या योनिच्छद (ीलउमद) को उंगली से भेद देना चाहिए। लेकिन ये काम धैर्यपूर्वक होना चाहिए।

2. रक्त स्राव का भय

महिलाओं को अक्सर बताया जाता है कि योनि में पहली बार लिंग प्रवेश पर रक्तस्राव होना महत्वपूर्ण है। ये एक भ्रामक विचार है। पहली बार संभोग के समय ये कतई आवश्यक नहीं कि योनि से रक्तस्राव हो। योनी में मौजूद पतली झिल्ली योनिच्छद (ीलउमद) दौड़ने-भागने या हस्तमैथुन जैसी गतिविधियों के दौरान भी फट सकती है। इसलिए महिलाओं को पहले संभोग के समय रक्तस्राव के बारे में अधिक चिंता नहीं करनी चाहिए।

3. योनि में पर्याप्त चिकनाहट न होना

योनि में लिंग प्रवेश से पहले कामक्रीड़ा बहुत आवश्यक है। सुनिश्चित करें की आपका साथी आपको लिंग प्रवेश से पहले पर्याप्त रूप से उत्तेजित करे। इससे आपकी योनि में स्वतः चिकनाहट आ जाएगी और लिंग प्रवेश सरल हो जाएगा। अगर आपकी योनि में गीलापन या चिकनाहट नहीं है तो लिंग प्रवेश के समय काफी पीड़ा हो सकती है। कुछ लोग बाहरी लुब्रीकेंट जैसे तेल या क्रीम आदि का प्रयोग भी करते हैं ताकि लिंग सही तरीके से प्रवेश कर सके।

4. कहीं वो बहुत कठोरता से तो लिंग प्रवेश नहीं करवा रहा?

एक बार योनि में लिंग प्रवेश हो जाए तो अपने साथी से कहें कि वो धीरे-धीेरे भलीभांति संभोग करे। अगर वो बहुत कठोरता या रूखेपन से धक्के मार रहा है तो आपको पीड़ा और असुविधा हो सकती है। इसलिए ये आवश्यक है कि आप उसे बताएं कि आपको किसलिए दर्द हो रहा है।

अगर आप मानसिक रूप से शांत नहीं हैं, तो आप संभोग का मजा नहीं उठा पाएंगी। अगर आपको मजा नहीं नहीं आ रहा है तो लिंग प्रवेश बहुत कठिन हो जाएगा। तो सेक्स में शामिल होने के लिए मानसिक रूप से तैयार हों और ये सुनिश्चित करें कि आप अपने साथी से भावात्मक और शारीरिक रूप दोनों से पूरी तरह जुड़ी हुई हैं।

सेक्स और संभोग के बारे सबसे अच्छी बात ये है कि आपको इसका जितना अनुभव होता है, ये आपके लिए उतना ही आसान और मजेदार हो जाता है। अगर आपको संभोग में अब भी पीड़ा हो तो बेहतर है कि आप किसी स्त्रीरोग विशेषज्ञ से संपर्क करें।

 

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